Wednesday, 4 July 2018

Saturday, 24 March 2018

तिलक (चन्दन) लगाने का वैज्ञानिक रहस्य

तिलक (चन्दन) लगाने का वैज्ञानिक रहस्य

हिन्दू धर्म में बहुत सी परम्पराएं हैं। सब परम्पराओं का अपना ही महत्व है। इनमें से एक परम्परा है माथे पर तिलक लगाना, किसी के माथे पर तिलक लगा देखकर मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर टीका लगाने से फायदा क्या है? क्या यह महज दूसरों के सामने दिखावे के मकसद से किया जाता है या फिर तिलक धारण का कुछ वैज्ञानिक आधार भी है? दरअसल, टीका लगाने के पीछे आध्यात्म‍िक भावना के साथ-साथ दूसरे तरह के लाभ की कामना भी होती है. भारत में पूजा के बाद माथे पर तिलक लगाया जाता है और यह परम्परा सदियों से ही चला आ रही है।शायद आपको इसका स्वास्थ्य के लिहाज से महत्व न पता हो। दोनों आंखों के बीच जिस बिंदु पर आप चंदन का तिलक लगाते हैं उसे ‘अग्न’ चक्र कहते हैं। इस स्थान को तीसरी आंख भी कहा गया है। यहां चंदन लगाने से ये सक्रिय हो जाती है।

पूजा करने के बाद आरती करने का वैज्ञानिक रहस्य

पूजा करने के बाद आरती करने का वैज्ञानिक रहस्य

हर भक्त,श्रद्धालु, पुजारी मंदिर में पूजा-पाठ करने के बाद ही आरती करता है।आखिर पूजाकृपाठ के बाद ही आरती क्यों की जाती है।पूजा के बाद अंत में आरती करने के पीछे धार्मिक महत्व के साथकृसाथ कुछ वैज्ञानिक महत्व भी है।

दीपक जलाने के वैज्ञानिक फायदे

दीपक जलाने के वैज्ञानिक फायदे

दीपक को ज्ञान और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
शास्त्रों में भी दीपक जलाने के महत्व बताया गया है।
दीपक घर से बीमारियों को दूर करनें में भी बहुत मदद करता है।
जानकारों के अनुसार दीपक जलाने के पीछे वैज्ञानिक कारण भी है।
दीपक जलाने के पीछे यह वैज्ञानिक तर्क दिया जाता है कि इससे सारे रोगाणु भाग जाते हैं।

पैर छूने के पीछे का वैज्ञानिक रहस्य


पैर छूने के पीछे का वैज्ञानिक रहस्य

पैर छूना सिर्फ एक परंपरा नहीं बल्कि अपने आप में एक विज्ञान है। इस विज्ञान में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायॉलजी तीनों समाहित हैं।
जब हम किसी का पैर छूते है तो यह दिखाता है की हम अपने अहम् से परे होकर किसी की गुरुता , सम्मान और आदर की भावना से चरण स्पर्श कर रहे है. किसी के समक्ष झुकना समर्पण और विनीत भाव को को दर्शाता है
पैर छूने के लिए हम आगे की तरफ झुकते हैं और अपने दाहिने हाथ से बाया पैर और बाएं दाथ से दाहिना पैर छूते हैं। इस प्रक्रिया में हम ऊर्जा चक्र पूरा करते हैं। विज्ञान के अनुसार, हमारे शरीर में सिर की तरफ से ऊर्जा का प्रवेश होकर पैरों की तरफ इसका प्रवाह होता है।